जय काली माता, मैया जय काली माता।
संतन की तू रक्षा, करती है तू भक्तों की॥
॥ जय काली माता..॥
मंगल की सेवा, सुन मेरी देवा।
हाथ जोड़ तेरे, द्वार खड़े॥
॥ जय काली माता..॥
पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरें।
सुन जगदंबे कर ना विलंबे, संतन के भंडार भरें॥
॥ जय काली माता..॥
बुद्धि विधाता तू जगमाता, मेरा कारज सिद्ध करे।
चरण कमल का लिया आसरा, चरण तुम्हारे आन पड़े॥
॥ जय काली माता..॥
जब-जब पीर पड़े भक्तों पर, तब-तब आए सहाय करें।
संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे॥
॥ जय काली माता..॥

















