मुख्य सामग्री पर जाएं
धर्म पथ का लोगो
धर्म पथ
होमचालीसाआरतीदेवता
संग्रह
Bhagavad Gita

Na jayate mriyate va

Bhagavad Gita • 2.20

न जायते म्रियते वा कदाचिन्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः ।

अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो न हन्यते हन्यमाने शरीरे ॥

§

अनुवाद

The soul is never born nor dies at any time. The soul, once existing, does not cease to be. It is unborn, eternal, permanent, and ancient. It is not slain when the body is slain.

भावार्थ

Describes the eternal and unchanging nature of the soul.
छंदAnushtubh
भाषाSA
समय
अवसर
#soul#immortality#bhagavad gita

संबंधित सामग्री

श्री शनिदेव चालीसा

श्री शनिदेव चालीसा

Shani

विष्णु

विष्णु

सूर्य चालीसा

सूर्य चालीसा

Surya Dev

✦
धर्म पथ का लोगो
धर्म पथसनातन धर्म

प्राचीन परंपराओं और आधुनिक भक्ति के बीच की खाई को पाटना। चालीसा, आरती और वैदिक ज्ञान के लिए आपका डिजिटल आश्रय स्थल।

खोजें

  • देवता
  • मंदिर
  • त्योहार
  • शास्त्र
  • चालीसा

कंपनी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • ब्लॉग
  • गोपनीयता
  • नियम

आशीर्वादित रहें

अपने इनबॉक्स में सीधे दैनिक श्लोक, शुभ समय और त्योहार की याददाश्त प्राप्त करें।

कोई स्पैम नहीं, केवल दिव्य ऊर्जा।

© 2026 धर्म पथ. सभी अधिकार सुरक्षित।

गोपनीयता नीतिसेवा की शर्तेंकुकी नीति
के साथ बनाया गया❤और🙏दुनिया भर के भक्तों के लिए