चालीसा संग्रह
चालीसा संग्रह
लोकप्रियश्री हनुमान चालीसाहनुमान जी की स्तुति में तुलसीदास रचित चालीस चौपाइयां, जो साहस, भय से मुक्ति और शनि के प्रकोप से रक्षा हेतु पढ़ी जाती हैं।अभी पढ़ें
लोकप्रियबजरंग बाणहनुमान जी को समर्पित एक शक्तिशाली पाठ, जो भय, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से शीघ्र रक्षा हेतु संकट के समय पढ़ा जाता है।अभी पढ़ें
लोकप्रियश्री राधा चालीसाश्रीकृष्ण की प्रिय राधा रानी की स्तुति में रचित यह चालीसा दिव्य प्रेम, भक्ति और दांपत्य सुख हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
शिव चालीसाभगवान शिव के दिव्य स्वरूप और कृपा का वर्णन करने वाली चालीस चौपाइयां, जो सोमवार और श्रावण मास में शांति व मनोकामना पूर्ति हेतु पढ़ी जाती हैं।अभी पढ़ें
श्री कृष्ण चालीसाभगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और ज्ञान का वर्णन करने वाली यह चालीसा समृद्धि, बुद्धि और कष्टों से मुक्ति हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
श्री राम चालीसाभगवान श्रीराम के मर्यादा और पराक्रम की स्तुति में रचित यह चालीसा साहस, रक्षा और बाधाओं के नाश हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
गंगा चालीसापवित्र नदी देवी मां गंगा की स्तुति में रचित यह चालीसा मन और शरीर की शुद्धि तथा आध्यात्मिक निर्मलता हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
गणेश चालीसाविघ्नहर्ता भगवान गणेश की स्तुति में रचित यह चालीसा नए कार्यों के आरंभ में बुद्धि और सफलता हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
गायत्री चालीसावेदमाता गायत्री की स्तुति में रचित यह चालीसा ज्ञान, आंतरिक बुद्धि और आध्यात्मिक जागृति हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
दुर्गा चालीसामां दुर्गा के शक्तिशाली और रक्षक स्वरूप की स्तुति में रचित यह चालीसा नवरात्रि में बल, साहस और विपत्तियों पर विजय हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
नवग्रह चालीसानवग्रहों की स्तुति में रचित यह चालीसा ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने और ग्रह दोषों को शांत करने हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
भैरव चालीसाशिव के उग्र रक्षक स्वरूप भैरव जी की स्तुति में रचित यह चालीसा बुरी शक्तियों से रक्षा और निर्भयता हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
माँ काली चालीसामां काली की उग्र रक्षक शक्ति की स्तुति में रचित यह चालीसा साहस, नकारात्मकता के नाश और भय से मुक्ति हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
लक्ष्मी चालीसाधन-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की स्तुति में रचित यह चालीसा शुक्रवार और दीपावली में सुख-समृद्धि हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
विष्णु चालीसासृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु की स्तुति में रचित यह चालीसा जीवन में शांति, रक्षा और संतुलन हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
श्री अन्नपूर्णा चालीसामां अन्नपूर्णा की स्तुति में रचित यह चालीसा अन्न, समृद्धि, गृहस्थ सुख और अन्नकूट-दीपावली की भक्ति में पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
श्री खाटू श्याम चालीसाखाटू श्याम जी की महिमा का यह पाठ श्रद्धा, संकट निवारण, आशा और हारे के सहारे की भक्ति में पढ़ा जाता है।अभी पढ़ें
श्री तुलसी चालीसामां तुलसी की महिमा का यह पाठ कार्तिक मास, तुलसी विवाह, विष्णु पूजा और घर की दैनिक सात्त्विक साधना में विशेष माना जाता है।अभी पढ़ें
श्री पार्वती चालीसामां पार्वती की स्तुति में रचित यह चालीसा शिव-पार्वती भक्ति, वैवाहिक सुख, करवा चौथ और सौभाग्य साधना में पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
श्री शनिदेव चालीसाशनिदेव को समर्पित यह चालीसा विशेष रूप से शनिवार को शनि की साढ़ेसाती और ढैया के प्रभाव को शांत करने हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
श्री शीतला माता चालीसाशीतला माता की स्तुति में यह चालीसा स्वास्थ्य, शांति, शीतलता और परिवार की रक्षा की भावना से पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
संतोषी माता चालीसासंतोष की देवी संतोषी माता की स्तुति में रचित यह चालीसा शुक्रवार को मनोकामना पूर्ति और मानसिक शांति हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
सरस्वती चालीसाज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती की स्तुति में रचित यह चालीसा विद्यार्थियों व कलाकारों द्वारा बुद्धि और रचनात्मकता हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
सांई चालीसाशिरडी के साईं बाबा की भक्ति में रचित यह चालीसा श्रद्धा, धैर्य और जीवन के कष्टों से राहत हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें
सूर्य चालीसासूर्यदेव की स्तुति में रचित यह चालीसा सूर्योदय के समय स्वास्थ्य, ऊर्जा और रोगों से मुक्ति हेतु पढ़ी जाती है।अभी पढ़ें