सभी त्योहार देखें
मकर संक्रांति
14 January 2026
पौष मास
पुण्य काल: 15:13 – 17:47 (नई दिल्ली), स्थानीय पंचांग अनुसार पुष्टि करें
संबंधित देवता: सूर्य देव
महत्ता
मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व है। यह कृषि, प्रकृति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।
उत्सव
लोग तिल-गुड़ खाते हैं, पतंग उड़ाते हैं और पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।
इतिहास
यह पर्व वैदिक काल से सूर्य उपासना और ऋतु परिवर्तन से जुड़ा हुआ है। महाभारत काल में भी इसका महत्व भीष्म पितामह की कथा से मिलता है।
पौराणिक कथा
मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव से मिलने उनके घर जाते हैं, जो पिता-पुत्र के संबंधों में सुधार का प्रतीक है।
परंपराएं और रीति-रिवाज
- •तिल-गुड़ का सेवन
- •पतंग उड़ाना
- •नदी स्नान
- •दान-पुण्य
पूजा विधि
- •सूर्य को अर्घ्य
- •गाय को चारा खिलाना
- •खिचड़ी दान
विशेष व्यंजन
तिल के लड्डू
गुड़ की मिठाई
खिचड़ी
दही-चूड़ा
क्षेत्रीय विविधताएं
- •पंजाब में लोहड़ी
- •तमिलनाडु में पोंगल
- •असम में बिहू
- •गुजरात में उत्तरायण
क्या करें और क्या न करें
क्या करें
- ✓पवित्र स्नान करें
- ✓खिचड़ी का दान करें
- ✓बड़ों का आशीर्वाद लें
क्या न करें
- ✗तामसिक भोजन से बचें
- ✗पेड़ न काटें



