लोड हो रहा है...
Loading...
Loading...

"योग नगरी, गंगा तट पर आध्यात्मिक साधना का केंद्र"
ऋषिकेश को 'विश्व की योग राजधानी' कहा जाता है क्योंकि यहाँ दर्जनों अंतरराष्ट्रीय स्तर के योग केंद्र और आश्रम हैं। हर साल मार्च में आयोजित 'इंटरनेशनल योग फेस्टिवल' में दुनिया भर से लोग आते हैं।
प्रातःकाल त्रिवेणी घाट पर और सायंकाल परमार्थ निकेतन आश्रम में भव्य गंगा आरती होती है। परमार्थ की आरती में भक्त, साधु-संत और विदेशी योग साधक बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।
ऋषिकेश को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार कहा जाता है। यहाँ से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए बसें और टैक्सी सेवाएँ उपलब्ध हैं।
हाँ, ऋषिकेश भारत की एडवेंचर कैपिटल मानी जाती है। यहाँ रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, ट्रेकिंग और कैंपिंग का अनुभव मिलता है। लेकिन ये केवल अधिकृत ऑपरेटरों से ही करना चाहिए।
फरवरी से अप्रैल और सितंबर से नवंबर का समय सबसे उपयुक्त है। गर्मियों में भीड़ अधिक होती है और मानसून में एडवेंचर गतिविधियाँ बंद रहती हैं।
हाँ, ऋषिकेश एक पूर्ण शाकाहारी शहर है। यहाँ मांसाहार और शराब पर प्रतिबंध है। आपको उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय और अंतरराष्ट्रीय शाकाहारी भोजन आसानी से मिल जाएगा।
राम झूला अभी भी उपयोग में है। लक्ष्मण झूला 2019 से सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है लेकिन इसे नए स्वरूप में पुनर्निर्माण की योजना है।
योग और आध्यात्मिक अनुभव के लिए आप एक हफ़्ते तक रुक सकते हैं। सामान्य यात्रा और गंगा आरती/एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए 2–3 दिन पर्याप्त हैं।
हाँ, ऋषिकेश में कई आश्रम और योग संस्थान अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों में योग सिखाते हैं। विदेशी पर्यटक लंबे कोर्स के लिए यहाँ महीनों तक रहते हैं।
हाँ, हरिद्वार ऋषिकेश से मात्र 25 किमी दूर है। बस, टैक्सी और ट्रेन से 30–40 मिनट में आसानी से पहुँचा जा सकता है।