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हनुमान जयंती
02 April 2026
चैत्र पूर्णिमा
पूजा मुहूर्त: 06:05 – 10:45
संबंधित देवता: भगवान हनुमान
महत्ता
भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव। यह भक्ति, शक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।
उत्सव
लोग हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, चोला चढ़ाते हैं और सुंदरकांड का आयोजन करते हैं।
इतिहास
हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार माना जाता है, जिनका जन्म अंजनी और केसरी के घर हुआ था।
पौराणिक कथा
कहा जाता है कि जन्म के समय उन्होंने सूर्य को फल समझकर निगलने का प्रयास किया था।
परंपराएं और रीति-रिवाज
- •हनुमान चालीसा पाठ
- •सिंदूर लेपन
- •भजन
- •प्रसाद वितरण
पूजा विधि
- •चोला चढ़ाना
- •सुंदरकांड पाठ
- •बजरंग बाण
विशेष व्यंजन
बेसन के लड्डू
बूंदी
चूरमा
क्षेत्रीय विविधताएं
- •उत्तर भारत में भव्य शोभायात्रा
- •दक्षिण में हनुमथ जयंती (मई-जून)
- •महाराष्ट्र में विशेष पूजा
क्या करें और क्या न करें
क्या करें
- ✓राम नाम का संकीर्तन करें
- ✓ब्रह्मचर्य का पालन करें
क्या न करें
- ✗नकारात्मक विचारों से बचें
- ✗तामसिक भोजन वर्जित


