ॐ
लोड हो रहा है...
Loading...
Loading...
भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव। यह भक्ति, शक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।
लोग हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, चोला चढ़ाते हैं और सुंदरकांड का आयोजन करते हैं।
हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार माना जाता है, जिनका जन्म अंजनी और केसरी के घर हुआ था।
कहा जाता है कि जन्म के समय उन्होंने सूर्य को फल समझकर निगलने का प्रयास किया था।