ॐ
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विवाहित महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख के लिए रखा जाने वाला निर्जला व्रत।
महिलाएं नए वस्त्र पहनती हैं, मेहंदी लगाती हैं और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं।
कहा जाता है कि सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांगे थे, जो इस भक्ति का आधार है।
कथा है कि द्रौपदी ने भी पांडवों की विजय और सुरक्षा के लिए यह व्रत किया था।