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53 दिन
दीवाली
08 November 2026
कार्तिक अमावस्या
लक्ष्मी पूजा: 17:54 – 19:50 (नई दिल्ली), स्थानीय पंचांग अनुसार पुष्टि करें
संबंधित देवता: माँ लक्ष्मी / भगवान गणेश
महत्ता
दीवाली प्रकाश, लक्ष्मी-कृपा, धर्म की विजय और घर-परिवार में मंगल का पर्व है। इस दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन, दीपदान और स्वच्छता का विशेष महत्व माना जाता है।
उत्सव
घर और मंदिर सजाए जाते हैं, दीप जलाए जाते हैं, लक्ष्मी-गणेश पूजन होता है और परिवारजन प्रसाद व मिठाइयां बांटते हैं।
इतिहास
दीवाली को भगवान राम के अयोध्या लौटने, लक्ष्मी पूजन और अनेक क्षेत्रीय परंपराओं से जोड़ा जाता है। व्यापारी समुदायों में इस दिन नए लेखा-वर्ष और चोपड़ा पूजन का भी महत्व है।
पौराणिक कथा
कार्तिक अमावस्या की रात्रि में दीप जलाकर अंधकार, भय और दरिद्रता को दूर करने तथा मां लक्ष्मी का स्वागत करने की परंपरा है।
परंपराएं और रीति-रिवाज
- •दीपदान
- •लक्ष्मी-गणेश पूजन
- •चोपड़ा पूजन
- •रंगोली
पूजा विधि
- •लक्ष्मी पूजा
- •गणेश पूजा
- •कुबेर पूजा
- •दीपदान
विशेष व्यंजन
लड्डू
गुजिया
काजू कतली
मठरी
क्षेत्रीय विविधताएं
- •उत्तर भारत में राम आगमन की स्मृति
- •गुजरात में चोपड़ा पूजन
- •बंगाल में काली पूजा
क्या करें और क्या न करें
क्या करें
- ✓घर और पूजा स्थान स्वच्छ रखें
- ✓दीपक सुरक्षित स्थान पर जलाएं
- ✓लक्ष्मी-गणेश का श्रद्धापूर्वक पूजन करें
क्या न करें
- ✗अन्न और धन का अनादर न करें
- ✗असुरक्षित पटाखों से बचें
- ✗पूजा मुहूर्त बिना स्थानीय पुष्टि के निश्चित न मानें

