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छठ पूजा 2026: नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक चार दिन की परंपरा
पर्व और परंपरा9 मिनट

छठ पूजा 2026: नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक चार दिन की परंपरा

छठ पूजा 2026 के चार दिनों, सूर्य को संध्या और प्रातः अर्घ्य तथा सामुदायिक तैयारी का परिचय—स्थानीय समय और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए।

द्वारा धर्म पथ टीम9 अक्टूबर 2026

2026 की चार-दिवसीय रूपरेखा

नई दिल्ली के पंचांग में नहाय-खाय 13 नवंबर, खरना 14 नवंबर, संध्या अर्घ्य 15 नवंबर और उषा अर्घ्य 16 नवंबर 2026 को हैं। घाट, सूर्योदय-सूर्यास्त और स्थानीय परंपरा के अनुसार तैयारी तथा समय में अंतर होगा; अपने क्षेत्र की व्यवस्था देखें।

छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित कई समुदायों में इसका विशेष महत्व है, और प्रवासी परिवार भी इसे दुनिया भर में मनाते हैं।

चार दिनों की परंपरा

नहाय-खाय पर घर और भोजन की तैयारी के साथ शुद्धता का संकल्प लिया जाता है। खरना पर दिनभर के उपवास के बाद संध्या में प्रसाद अर्पित कर व्रत आगे बढ़ाया जाता है। भोजन और नियम परिवार की परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।

तीसरे दिन व्रती और परिवारजन जलाशय या निर्धारित घाट पर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। चौथे दिन उगते सूर्य को उषा अर्घ्य दिया जाता है, फिर परिवार की रीति से पारण होता है। सार्वजनिक घाट पर आयोजकों के निर्देशों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन करें।

प्रसाद, स्वच्छता और सामुदायिक सहयोग

ठेकुआ, फल और अन्य प्रसाद कई परिवारों में बनाए जाते हैं; सामग्री और विधि क्षेत्र के अनुसार बदलती है। प्रसाद तैयार करने और घाट तक पहुंचाने में घर के सदस्य तथा समुदाय मिलकर काम करते हैं। साफ-सफाई, पीने के पानी और कचरा न फैलाने की व्यवस्था में सबका योगदान जरूरी है।

घाट पर भीड़ हो तो बच्चों और बुजुर्गों के साथ तय मिलन-बिंदु रखें, फिसलन वाले किनारों से दूरी बनाएं और स्थानीय स्वयंसेवकों की बात सुनें। भक्ति और सार्वजनिक सुरक्षा साथ-साथ चलती हैं।

व्रत और स्वास्थ्य का सम्मान

छठ के कुछ व्रत बहुत कठोर होते हैं। किसी को भी उपवास के लिए बाध्य न करें। स्वास्थ्य समस्या, गर्भावस्था, नियमित दवा या अन्य चिंता हो तो व्रत रखने से पहले चिकित्सक से सलाह लें; पूजा और सेवा में भाग लेने के ऐसे तरीके भी हैं जिनमें कठोर उपवास जरूरी नहीं।

सूर्य को अर्घ्य देते समय परिवार की प्रार्थना या सूर्य चालीसा/स्तुति पढ़ सकते हैं। इसे परंपरा के अनुरूप और अपनी सुविधा से करें—पाठ की कोई एक अनिवार्य सूची सभी परिवारों पर लागू नहीं होती।

सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छठ पूजा 2026 कब है?

नई दिल्ली की सूची में संध्या अर्घ्य 15 नवंबर और उषा अर्घ्य 16 नवंबर 2026 को है।

क्या छठ पूजा के लिए निर्जल व्रत अनिवार्य है?

परंपराओं में कठोर व्रत मिलते हैं, पर किसी को बाध्य न करें। स्वास्थ्य के अनुसार चिकित्सकीय सलाह लें और अन्य रूपों में पूजा में भाग लें।

पूजा और प्रार्थना

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तिथि और पंचांग स्रोत

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